अर्नव गोस्वामी-चीफ एडिटर रिप. भारत-क्या किसी प्रान्तीय सरकार को इतना तुक्ष होना चाहिये।क्या सरकार खुद के पापों,गलतियों,लापरबाहियों,निष्क्रियताओं, को बताने वालों के साथ शत्रुता पर,वह भी व्यक्तिगत स्तर पर उतर कर, एक स्ट्रीट गुंडे की भूमिका में आ सकती है।जब दाऊद इब्राहीम अपने साम्राज्य का,आतंकबाद का बिस्तारपूरी तरह गैरकानूनी तरीके से इसी महाराष्ट्र में दशकों तक करता रहा तब यह कांग्रेस सरकार और यह गन्ना माफिया -पबार क्या कर रहा था।यह ह्रदयबिदारक है कि एक राष्ट्रबादी चैनेल के चीफ एडिटर को प्रताड़ित किया जाय।
भारत विभिन्न धर्मों की प्रयोगशाला है,इसका कारण यहां पनपी सर्व-कल्याणकारी सनातन-धर्मी संस्कृति है जिसमें कोई सामूहिक धर्म-शत्रु नहीं है।इस संस्कृति के कारण यहां निर्बाध वैचारिक स्वतंत्रता और दूसरी मज़हबी असहिष्णुता का भी समावेश जारी रहा,पिछले बारह सौ सालों से।परंतु जिस तरह किसी स्वस्थ -उसी लकड़ी को कोई आग जलाकर राख कर देती है ,जिस पर उसका वजूद कायम है,उसी तरह जिन सेमेटिक धर्मों को भारत की सनातन -संस्कृति ने पनपने का वातावरण प्रदान किया,इन सेमेटिकों नें उसी संस्कृति को खत्म करने की हिंसात्मक कोशिश की ,जिसमें बे सफल भी रहे और जो आज भी जारी है।
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