बंद करो....ओ चैनेलकर्मियों यह अपराधियों कातिलों,अबैध धंधा वाले दुष्कर्मियों को वाहुवली कहना।यह बे लोग हैं जिन्हों ने न्यायप्रिय या सामान्य जिंदगी जीने के आदी लोगों के जीवन को नर्क वना कर अपनी कुत्सित गुंडई के वल पर यह गिरोही साम्राज्य वनाया है।देखा जाय तो तुम मीडियाकर्मी वही अपराध कर रहे हैं जो बहुत से तथाकथित इतिहासज्ञों ने भारत को लूट और कत्लों से बरबाद करने वाले आक्रमणकारियों की विभिन्न शब्दावली में प्रशस्ति गाई है।
बिहार-तुम्हें क्या हो गया है।क्या तुम चन्द्रगुप्त मौर्य बाले ही हो.....उज्जैनी-अवन्तिका ने अपने को फिर भी चन्द्रगुप्त विकृमादित्य और कालिदास के अनुरूप कुछ वचा लिया पर बिहार तुम.......एक सजायाफ्ता भ्रष्टाचारी के नवीं फेल बेटे को.......थू।तुमने कुछ नहीं सोंचा,पर तुमने चलो कुछ शर्म की और उनको फिर लाये जो तुम्हे खुशहाली में लाने की कुछ तो कोशिशें करें गें।तुम्हारा वहुत उपकार।मेरा कुछ भी रिस्क पर नहीं फिर भी कल पूरे दिन पता नहीं क्यों मेरा मत्था गरम रहा।

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